माना जिन्दगी मे तेरी जगह नही मेरे लिए, बस दर के बाहर रुक जाने दे,
समय का अगला झोका धकेल देगा, बस संभल भर जाने दे
क्षण मे क्षीण हुआ बल मेरा ना जाने क्यो,
कुछ नया नही, पर इस बार समझ कर जाने दे
समय का अगला झोका धकेल देगा, बस संभल भर जाने दे
क्षण मे क्षीण हुआ बल मेरा ना जाने क्यो,
कुछ नया नही, पर इस बार समझ कर जाने दे

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