Thursday, December 29, 2005

अधूरा नशा

गिरा न देना मेरे वस्त्रो पर तुम सुरा,
तुम्हारा भी नशा रह जाएगा अधूरा,
मै जाम मे बह जाउँगा,
एक पल मे ढह् जाउँगा

दोषी मदिरा को न ठहरा देना,
मय अनुभव का भागी बन, मै ही न विराम पाउँगा
कर प्याले को गलत न देना,
छाले कर के है प्याले से, मै ही न थाम पाउँगा

यादे सुबह तक तुम खो दोगी,
मदिरा वस्त्रो पर मेरे रह जाएगी,
छलकी जाम की तरह गुम होगी,
महक मेरे साथ रह जाएगी

गिरा न देना मेरे वस्त्रो पर तुम सुरा,
तुम्हारा भी नशा रह जाएगा अधूरा

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