Monday, November 28, 2005

ढाई आखर

कोरा कागज ले मैने लिखे थे आखर ढाई
कागज ने धार से फिर चीर एसे लगाई
लहु बहा कागज पर स्याही सा, पर कागज पर न टिकी एक बूँद
आखर ढाई लिखे रह गए, पर कागज ने कलम से ली अँखिया मूँद

Saturday, November 26, 2005

रात का कोहरा

माना एक अरसा आस जगाता होगा,
कुछ बदल भी जाता होगा,
एक नया दिन होता होगा,
पर रात का कोहरा तो रहता होगा,
अन्तर को एक ठिठुरन तो देता होगा

Thursday, November 24, 2005

This is not mine but its neat.

Jo duniya hoy kalo naag, to hu pan madaari chhu,
Pachhadu udta pankhi ne evo hu shikari chhu.
Chhu badshah betaaj aa aakhiye aalm no,
chhtay aapni ek mithi najar kaaje bhikhari chhu.

ठहरा मुकाम

कभी राह तकते मुकाम निकल जाए
कभी मुकाम देखते राह भटक जाए

पर राह के खातिर मुकाम जो बदल ले

तो राही पथ का हो जाए,
मुकाम राह देखता रह जाए,

पर ए राही, समय बदल ले, तारतम्य बदल ले

मुकाम तो तेरे लिए फिर ठहरा रह जाए,
पलटने का साहस ज़ो तेरे मे आ जाए

Tuesday, November 22, 2005

वृक्ष का बल

कल एक लता ने धरा पर घर कर लिया,
लता पनप गई और आज वृक्ष सिमट गया,
तना वृक्ष का देता था लता को सम्बल,
पर क्या लता मे समाहित था वृक्ष का बल ?

Friday, November 18, 2005

खोज

निकला आज राहो मे,
अस्तित्व कि खोज मे,
फिर आज शुन्य से रुबरु मै था,
मेरा वजूद तेरे परिचय से था

शक्ल बदली या आईने बदल गये,
प्यादे बदले या नियम बदल गये,
रफ्तार बदली या विराम बदल गये,
मेरे होने के मायने बदल गये

Monday, November 14, 2005

ये कौन जाने ?

रात के काले परदे गिर गए
आँखो के कोने फिर से भर गए
आज बुँदे गिरे या नही कौन जाने ?
हृदय के तार हिले या नही कौन जाने ?
कल का आलम क्या होगा कौन जाने ?
बस यह हाल फिर होगा,
हर सवाल फिर होगा,
अरमानो का कत्लेआम फिर होगा,
जाने या अनजाने ये कौन जाने ?

थामे रहे

थामे रहे कशती औरो कि, अपना समझ कर
आया तुफान, ठहरे रहे मझधार मे रह कर
साहसी थे या नादान, शायद इसलिए रुके थे
धकेल कर, तुम किनारे जब चले थे

Saturday, November 05, 2005

शाम एक मन्दिर नित जाता था, आज भगवान उठ गये
मदिरालय का मुझे रास्ता पता था, आज कदम उठ गये

Friday, November 04, 2005

हम फिर वही पर सामन्जस्य बदल गया
रेत फिर वही पर सागर बदल गया
कल के निशानो पर आज की रेखा
कल के ताप पर आज की हवा
कल के पट पर आज का चित्र
क्या वक़्त रुकेगा या जीवन का समीकरण बद्ल गया ?