Friday, January 06, 2006

कुछ बूँदो को

दो पँक़्तियो को जीवन सार ना समझ लेना,
कुछ बूँदो को आबक्षार ना समझ लेना

लोग है यहाँ ऊथले कई
खडे है यहाँ पूतले कई,
और जो जमीन मे गडे है,
उन पर तो पत्थर पडे है

रहने वाले ऊचाई के मचान के,
करते गहराई के बयान है
दो वचनो को ललकार ना समझ लेना,
कुछ बूँदो को आबक्षार ना समझ लेना